The Udai is a public awareness blog that initially focused on local and civic issues and now emphasizes legal literacy, business laws, government notifications, and policy-related awareness for the general public.
गुरुवार, 3 जून 2021
पुष्कर में अव्यवस्थित भूमिगत विधुत केबल और उधड़ी सड़के।
बुधवार, 2 जून 2021
ऑब्लाइज
TheUdai -17
02-06-2021
*ओब्लाइज*
*दिलीप कुमार उदय*
✍️
चलो आज *ओब्लाइज* पर कुछ व्यंग्यात्मक अल्फाज पेश करते है:-
ओब्लाइज (Oblige) जिसका हिंदी में भावार्थ है :- *उपकृत (एहसानमंद, कृतज्ञ), आभारी, अनुगृहित आदि* हिंदी वाला रहने देते है, इंग्लिश वाला ही प्रयुक्त कर लेते है यह कुछ ज्यादा प्रचलन में है - *ओब्लाइज*
गांव, कस्बे, शहर, प्रदेश क्या पूरे देश में यह शब्द बहुत ही प्रचलित है यह एक ऐसा शब्द है जिसके द्वारा बरसो से रुके काम हो या अन्य कोई जटिल या सामान्य कार्य हो, किसी योजना, सेवा आदि का तुरंत लाभ प्राप्त करना हो या लागू करना हो आदि आदि.......इन सबके लिए *ओब्लाइज एक ऐसा शब्द है जिसमे इतनी ताकत है की सारे अटके एवं मनमर्जी वाले कार्य तुरंत प्रभाव से हो जाते है।* बशर्ते ऑब्लाइज होने और करने वाली पोजिशन की केटेगरी में आप आते हो तो यह ताकत बखूबी काम करती है।
जब हम चारो और नजरे दौड़ाते है देखते है तो ऐसा *प्रतीत होता है कि प्रभावशाली ऑब्लाइज कुनबा बड़े प्यार और ठाट से आपस मे एक दूसरे को अपने -अपने क्षेत्र अनुरूप ओब्लाइज करते है।* देर सवेर इन सभी को आपस मे बहुत काम पड़ता रहता है ....एक दूसरे से!! क्योकि *पता नही किसने किसकी किस तरह नब्ज दबा रखी है* नब्ज छोड़ते ही ऑक्सिजन का प्रवाह कम हो जाता है ऒर ऑक्सीजन की कमी से क्या हो जाता है, सब जानते हो कितना भयंकर है।
*कहने का तात्पर्य यह है कि सरकार के माध्यम से आमजन (जनता) तक पहुँचने वाली सेवायें/ योजनाए आदि के तय नियम जिससे सरकार एवं जनता के मध्य विश्वाश ओर समर्थन की कड़ी जुड़ी होती है उस कड़ी को तोड़ने -मरोड़ने ओर मसलने का कृत्य ऑब्लाइज कुनबा अपने मुताबिक नियमो की अवहेलना करके, जनता को अंगूठा दिखा कर, जनता को यह अहसास दिलाते है कि हमे ओब्लाइज करना पड़ता है! क्या करे ??*
अब आप सोच रहे होंगे कि ऑब्लाइज कुनबा क्या बला है तो आप थोडा सा दिमाग पर जोर लगाए आपको पता चल जाएगा कि यह ऑब्लाइज कुनबा कोंन है......????
*यदि आप खास प्रभावशाली ऑब्लाइज कुनबे की श्रेणी में आप आते हो तो ऑब्लाइज कुनबा आमजन (जनता) को साइड में करके आपको पहले प्राथमिकता देगा!!* यह वर्तमान सिस्टम की एक हकीकत है!!
इस ओब्लाइज के चक्रव्यूह में *आमजन -असहाय, मजबूर, विवश, निराश, हताश* - (जितने भी ऐसे शब्द है उन सभी को स्मरण करते हुए निरन्तर पढ़ सकते है) होकर सबकुछ सहकर आगामी चुनाव की तारीख को टटोलने में लग जाता है कहता फिरता है चुनाव आने दो *मजा चखा दूंगा अब आमजन मजा केवल चुनाव में ही चखा सकता है बाकी समय उसकी इतनी औकात कहाँ है!*
कई बार तो असली हकदार को मिलने वाला लाभ/ सेवा/योजना का हक कोई और पहले प्राप्त करके चला जाता है, इस प्रका से *हक मारना मानवीय मूल्यों के विपरीत है।*
*कलम की ताकत से सच का दृश्य दिखाने पर तिलमिलाहट तो मचेगी, गुस्सा भी आएगा। तिलमिलाहट और गुस्से का जवाब कलम से प्रस्तुत होता रहेगा :-*
उक्त व्यंग्य में कही गई बात मौजूदा सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है! व्यंग्य के माध्यम से पुनः रिफ्रेश किया गया है। व्यंग्य को कोई भी व्यक्तिगत रूप से न ले, यदि कोई लेना चाहे तो फिर उसकी इच्छा।😊😊
धन्यवाद।🙏
लेख में प्रयुक्त विचार मेरे निजी है।
✍️
Dilip Kumar Udai
*B.J., B.A., M.A.*
Independent Journalist,
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Entrepreneur
*The Udai News*
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शुक्रवार, 28 मई 2021
पुष्कर में नए चिकित्सालय को आवंटित भूमि पर तकरार......बरकरार
#The Udai -16
28-05-21
पुष्कर में नए चिकित्सालय को आवंटित भूमि पर तकरार......बरकरार
दिलीप कुमार उदय✍️
राजस्थान सरकार ने पुष्करवासियो की मांग एवं जरूरत को देखते हुए नए हॉस्पिटल बनाने की संकल्पना को साकार करने हेतु स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंजूरी प्रदान करते हुए पुष्कर नगर पालिका के स्वामित्व की भूमि पर हॉस्पिटल बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। उक्त हॉस्पिटल की भूमि हेतु विवाद उत्पन्न हो गया है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूर्व में चिन्हित भूमि जो पुष्कर तहसील कार्यलय के पास, पुष्कर शहर के मध्य एवं आमजन की सुविधार्थ है इसलिए पूर्व चिन्हित भूमि को उपयोगी एवं सही बताया जा रहा है! जबकि नगर पालिका पुष्कर द्वारा वर्तमान में खरेखड़ी रोड पर चिन्हित भूमि पर हॉस्पिटल बनाने की नगर पालिका पुष्कर के कार्यक्षेत्र वाली प्रशासनिक कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है, कांग्रेसजनो द्वारा इस भूमि को अनुपयोगी ओर पुष्कर के जनमानस के खिलाफ बताया जा रहा है।
अंतिम निर्णय क्या होगा यह तो शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और राज्य सरकार ही जाने।
इसी संदर्भ में पूर्व पार्षद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता चांदमल जी उदय एवं अध्यक्ष रेगरान पंचायत समिति पुष्कर ने भी अपने तर्क और विचार व्यक्त किये है.......जो ब्लॉग के माध्यम से प्रस्तुत है :-......
पुष्कर में जो नया हॉस्पिटल बनने जा रहा है उसके लिए आवंटित भूमि ऐसी जगह पर हो जहाँ आधुनिक हॉस्पिटल के साथ साथ भविष्य में मेडिकल कॉलेज/ नर्सिंग कॉलेज, मेडिकल होस्टल, ऑक्सीजन प्लांट, मेडिकल से जुडे तमाम संसाधन एवं आधुनिक सुख सुविधाओ का बहुत सुगम ओर आसान तरीके से भविष्य में विस्तार सही ढंग से एक ही जगह पर हो सके उसके लिए चिन्हित भूमि का क्षेत्रफल का दायरा बढ़ाना पड़े तो उसे भी बढ़ाये साथ ही चिन्हित भूमि आमजन हेतु सुविधाजनक, एवं अन्य सभी आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखते हुए उपयोगी सिद्ध हो ऐसे स्थान पर हॉस्पिटल बनना चाहिये।
हॉस्पिटल बनने जा रहा है कोई अस्थाई समारोह स्थल नही की वर्तमान सुविधाओ को मध्यनजर रखते हुए फैसला किया जाए , दुर्गामी भविष्य का चिंतन मनन करके फैसला लेना होगा जो जनता एवं सरकार के लिए हितकारी हो।
क्योकि पूर्व में भी आवंटित नया बस स्टैंड काफी ऊंचाई पर बना हुआ है जो पुष्करवासी एवं तीर्थयात्री, पर्यटको के लिए अनुपयोगी सिद्ध हो रहा है यह एक हकीकत है।
उसी प्रकार नया हॉस्पिटल ऐसी जगह बने जहाँ पहुँचने में सुविधाजनक आवगमन, परिवहन हेतु उचित संसाधनों को प्रयुक्त किया जा सके। चिन्हित भूमि के दोनों पहलुओं पर विचार करे सकारात्मक और नकारात्मक केवल एक पहलू से वर्तमान परिस्थितियों को देखकर विरोध या समर्थन नही करना चाहिए।
यदि पूर्व चिन्हित तहसील के पास वाली भूमि सभी दृष्टिकोण से उचित एवं उपयोगी है तो इस पर भी दोनो पहलुओं से चर्चा होनी चाहिए....!!
पुष्कर के भविष्य में होने वाले विस्तार की तर्ज पर देखकर भूमि को चिन्हित किया जाए।
यदि नगर पालिका स्वामित्व वाली भूमि में से उचित भूमि नही मिल पा रही है तो राज्य सरकार पुष्कर में भटवाय गणेश मंदिर से आगे जयपुर रोड पर जो वन विभाग की भूमि है उसे अधिग्रहण (Acquire) कर हॉस्पिटल हेतु चिन्हित की जा सकती है। जो सबसे उपयुक्त रहेगी। उक्त चिन्हित भूमि पर परिवहन कि सारी सुविधाएं सुगमता से मिल सकती है, भविष्य में विस्तार भी आसानी से हो सकता है।
समाचार पत्रों ओर सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ कि पुरानी आरटीडीसी वाली भूमि को भी उचित बताया जा रहा है हॉस्पिटल हेतु। यह शहर और गांवों के नजदीक मध्य में होने से उक्त भूमि को उचित कहा जा सकता है परंतु उक्त भूमि का दूसरा पहलू यह है कि रेलवे लाइन ने भूमि को दो भागों में बांट दिया है रेलवे के भविष्य विस्तार और वर्तमान रेलवे लाइन के कारण यह भूमि मेरे मुताबिक तो बिल्कुल भी उचित नही हो सकती है।
अंत मे यही कहूंगा कि हॉस्पिटल की भूमि के सारे पहलुओं के साथ साथ भविष्य को मध्यनजर रखते हुए जनमानस की भावना सुविधा का ख्याल रखते हुए उचित स्थान पर आधुनिक मजबूत सुंदर हॉस्पिटल का जल्द से जल्द निर्माण प्रकिया शुरू की जाए।
राज्य सरकार का बहुत बहुत आभार धन्यवाद की पुष्कर को नए हॉस्पिटल की सौगात मिलने वाली है।
चांदमल उदय पूर्व पार्षद पुष्कर
धन्यवाद।🙏
Dilip Kumar Udai
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गुरुवार, 20 मई 2021
पूर्व मुख्यमंत्री पहाड़िया के निधन से राजस्थान में शोक की लहर
#The Udai -15
20-05-2021
*पूर्व मुख्यमंत्री पहाड़िया के निधन से राजस्थान में शोक की लहर*
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री, दिग्गज कांग्रेस नेता, पूर्व राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया का दिनांक 19 मई 2021 (बुधवार) को कोरोना से निधन हो गया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, दिग्गज कांग्रेस नेताओ सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने पहाड़िया के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
पहाड़िया के निधन से राजनीतिक जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।
पुष्कर में भी पहाड़िया के निधन पर पूर्व नगर पालिका पुष्कर चेयरमैन अन्नी देवी उदय एवं पूर्व पार्षद एवं अध्यक्ष रेगरान पंचायत समिति पुष्कर चांदमल उदय ने एवं दलित- वंचित समुदाय ने, दलित एवं कॉंग्रेस नेताओ ने जताया दुःख एवं गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
दिवगंत पहाड़िया के सम्मान में प्रदेश में एक दिन का राजकीय शोक है।
पहाड़िया राजस्थान के एक मात्र दलित मुख्यमंत्री रहे है। उनसे पहले ओर उनके बाद कोई भी दलित नेता राजस्थान में मुख्यमंत्री नही बना है।
राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री जिन्होंने प्रदेश में संपूर्ण शराबबंदी लागू की थी।
पहाड़िया जी ने मुख्यमंत्री के रूप में राज्यपाल के रूप में केंद्रीय मंत्री के रूप में सांसद के रूप में विधायक के रुप में देश की सेवा में इनका अहम योगदान रहा है।
1957, 1967, 1971, 1980 में चार बार सांसद रहे वही 1980, 1985, 1990, और 2003 में विधायक भी चुने गए थे। पहाड़िया को महज 25 साल 3 माह की उम्र में ही सांसद बनने का अवसर मिल गया था।
पहाड़िया इंद्रा गांधी केबिनेट में मंत्री भी रहे थे, उनके पास वित्त,उद्योग, श्रम, कृषि जैसे विभाग थे। 1989 से 1990 तक बिहार और 2009 से 2014 तक हरियाणा के राज्यपाल भी रह चुके थे।
ईश्वर से प्रार्थना है दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
🙏🙏🙏🙏
✍️
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सोमवार, 17 मई 2021
एसडीम कार्यालय पुष्कर 18 to 45 वर्ष वालो के लगी वेक्सीन
#The Udai -14
17-05-2021
✍️ दिलीप कुमार उदय
एसडीम कार्यालय पुष्कर 18 - 45 वर्ष वालो के लगी वेक्सीन
16 मई 2021 को सोशल मीडिया की खबर अनुसार ..........कोरोना प्रबंधन में लगे हुए सभी कार्मिक जैसे शिक्षा विभाग के कार्मिक, बिजली एवं जलदाय विभाग के कार्मिक , वन विभाग के कार्मिक , DOIT के कार्मिक और इसके बाद में भी यदि पर्याप्त संख्या में डोज उपलब्ध रहेंगे तो e-mitra संचालक , राशन डीलर , पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कार्मिक , दवा की दुकानों में काम करने वाले कार्मिक सभी सम्मिलित होंगे हमे 120 वेक्सीन डोज ही उपलब्ध हुए है.......उसी संदर्भ में आज एसडीम कार्यालय का दृश्य इस प्रकार था........
120 डोज (वेक्सीन) में से 70-80 वेक्सीन कार्मिको के लगने के बाद पर्याप्त डोज बचने के बाद भी पुष्कर के ईमित्र संचालको को वापिस भेज दिया यह कहकर की कल यदि वेक्सीन उपलब्ध हो जाती है तो सूचित कर दिया जाएगा। बेचारे ईमित्र सुबह 10 बजे से 2 बजे तक इन्तेजार करते रहे अंततः मायूस होकर लोट गए जबकि यह ईमित्र संचालक सरकार की सभी योजनाओं के पंजीकरण ओर ईगवर्नेस के तहत डिजिटल सेवाएं जनता तक कोरोनकाल मे भी सुलभता से दे रहे है।
उसके बाद का दृश्य..........यदि आप sdm कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के मिलने वाले हो, पार्षद हो , प्रभावशाली हो या वेस्किन व्यवस्था में लगे कर्मचारी से जानपहचान रखते हो तो सोशल मीडिया में दी गई कार्मिको की सूचनार्थ श्रेणी में नही आते हो तो भी आपके वेस्किन लग जायेगी। अंततः बची हुई वेक्सीन उनके लगी जो उक्त श्रेणी में नही आते थे। बचे हुए लोग वेक्सीन उपलब्धता का इन्तेजार करे या फिर check your nearest vaccination center and slot availability करते रहिए आपकी किस्मत अच्छी हुई तो लग जायेगी तब तक सतर्क रहै घर में रहे सुरक्षित रहे कोरोना गाइडलाइन की पालना करते रहे।
✍️धन्यवाद
Dilip Kumar Udai
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✍️ दिलीप कुमार उदय – ब्लॉग 36 दिनांक: 28 जनवरी 2026 UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 कानून क्य...
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#The Udai - 25 18 नवंबर 2022 ✍️दिलीप कुमार उदय व्यंग्यात्मक अल्फाज प्रस्तुत है :- दिशा सूचक बोर्ड बन गए है- नेता सूचक बोर्ड (पुष्कर - 0 KM...

